
भोपाल से रोहित रजक की विशेष रिपोर्ट।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान अपने पास मौजूद विभागों की जिम्मेदारी अलग-अलग राज्य मंत्रियों को सौंपी है। इसका उद्देश्य है कि सत्र के दौरान जब मंत्रियों से संबंधित सवाल पूछे जाएं तो उनके जवाब आसानी से और समय पर दिए जा सकें।
हर बार की तरह इस बार भी मुख्यमंत्री ने अपने प्रमुख विभागों को राज्य मंत्रियों को अस्थायी रूप से सौंपा है। इसमें गृह मंत्रालय, जनसंपर्क विभाग, सामान्य प्रशासन, विज्ञान-प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, निवेश नीति जैसे कई अहम विभाग शामिल हैं।
कौन-से मंत्री को कौन-सा विभाग मिला?
मुख्यमंत्री ने जनसंपर्क मंत्रालय की जिम्मेदारी राज्यमंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोेधी को दी है। धर्मेंद्र लोेधी अब विधानसभा सत्र के दौरान जनसंपर्क विभाग से जुड़े सवालों का जवाब देंगे और कार्यों की निगरानी करेंगे।

यह विभाग सरकार की योजनाओं और कामकाज की जानकारी जनता तक पहुँचाने का काम करता है, इसलिए यह बहुत अहम माना जाता है।
गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री ने राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल को सौंपी है। गृह विभाग कानून-व्यवस्था, पुलिस व्यवस्था, जेल प्रशासन जैसे मामलों से जुड़ा होता है। यह विभाग हमेशा चर्चा में रहता है क्योंकि जनता की सुरक्षा से इसका सीधा संबंध होता है।
सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) की जिम्मेदारी राज्यमंत्री कृष्णा गौर को दी गई है। यह विभाग सरकारी कर्मचारियों की नियुक्ति, स्थानांतरण और प्रशासन से जुड़े अहम कामकाज संभालता है।
मुख्यमंत्री के पास हैं 15 विभाग
मुख्यमंत्री मोहन यादव के पास कुल 15 विभागों का प्रभार है। लेकिन सत्र के दौरान जब वे सभी सवालों का जवाब नहीं दे सकते, तो इन विभागों की जिम्मेदारी राज्य मंत्रियों को सौंप दी जाती है ताकि विधानसभा की कार्यवाही ठीक से चले और सभी विभागों की जानकारी समय पर दी जा सके।
हालांकि, ये जिम्मेदारियां स्थायी नहीं होतीं, बल्कि केवल विधानसभा सत्र के दौरान दी जाती हैं ताकि जवाब देने में सुविधा हो।
अन्य मंत्रियों को भी सौंपे गए हैं विभाग
मुख्यमंत्री ने न केवल बड़े विभागों की जिम्मेदारी सौंपी है, बल्कि अन्य छोटे-बड़े मंत्रालयों की जिम्मेदारी भी बाँटी है। यहाँ देखिए किस मंत्री को क्या जिम्मेदारी मिली है:
गौतम टेपटाल को विधि एवं विधायी कार्य, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग का प्रभार मिला है।
प्रतिमा बागरी को प्रवासी भारतीय और विमानन विभाग सौंपा गया है। यह विभाग विदेशों में रहने वाले भारतीयों से जुड़े मामलों और हवाई सेवाओं के विकास से जुड़ा है।
दिलिप अहिरवार को खनिज साधन, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, वन और पर्यावरण विभाग दिए गए हैं। ये विभाग राज्य के खनिज संसाधनों की खोज, उद्योगों के प्रोत्साहन और पर्यावरण की रक्षा से जुड़े हैं।
राधा सिंह को आनंद विभाग और लोक सेवा प्रबंधन विभाग का कार्यभार दिया गया है। आनंद विभाग नागरिकों की मानसिक खुशी और संतुलन बढ़ाने के लिए काम करता है, वहीं लोक सेवा प्रबंधन सरकारी सेवाओं को प्रभावशाली बनाने का प्रयास करता है।
विधानसभा अध्यक्ष को भेजा गया पत्र
मुख्यमंत्री द्वारा विभागों की यह जिम्मेदारी सौंपे जाने की जानकारी विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को भी एक विधिवत पत्र लिखकर दी गई है। ताकि सत्र के दौरान यह स्पष्ट रहे कि किस विभाग से जुड़े सवाल का जवाब कौन-सा मंत्री देगा।
मुख्यमंत्री द्वारा यह जिम्मेदारी सौंपना केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि विधानसभा के सुचारु संचालन के लिए यह एक जरूरी कदम है।
जब कोई सवाल पूछता है और तुरंत उत्तर नहीं मिलता, तो विपक्ष को हमला करने का मौका मिलता है। इसलिए पहले से तैयार रहना सरकार की रणनीति का हिस्सा होता है।
क्यों जरूरी है यह जिम्मेदारी बांटना?
मुख्यमंत्री के पास बहुत सारे विभाग होते हैं, लेकिन विधानसभा सत्र के दौरान हर सवाल का जवाब खुद देना संभव नहीं होता। अगर कोई मंत्री किसी विभाग के काम से अच्छी तरह परिचित नहीं है, तो वह सही जवाब नहीं दे पाएगा। इसलिए विभागों की जिम्मेदारी बांटकर यह सुनिश्चित किया जाता है कि सभी सवालों के सही और त्वरित जवाब मिलें।
इसके साथ ही यह प्रक्रिया नए मंत्रियों को प्रशासनिक कामकाज समझने का मौका भी देती है। जब वे अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारी लेते हैं, तो उन्हें उस विभाग के नियम, योजनाएं और कार्यप्रणाली की जानकारी होती है, जो आगे चलकर उनके अनुभव को बढ़ाता है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मानसून सत्र की तैयारियों के तहत एक अहम कदम उठाते हुए अपने विभागों की जिम्मेदारी राज्य मंत्रियों को बांटी है। इससे न केवल विधानसभा में जवाबदेही सुनिश्चित होगी, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता और कामकाज की गति भी बढ़ेगी।
जनसंपर्क, गृह, सामान्य प्रशासन जैसे अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी जिन मंत्रियों को मिली है, उनसे उम्मीद की जा रही है कि वे सत्र के दौरान प्रभावशाली ढंग से काम करेंगे।
