Oplus_131072

Report Rohit Rajak बुरहानपुर।
शहर की बदहाल सड़कें, गंदे पानी की आपूर्ति और स्मार्ट मीटर से बढ़े बिजली बिलों को लेकर कांग्रेस पार्टी ने नाराजगी जताई है।

इन समस्याओं को लेकर कांग्रेस नेताओं ने शनिवार को एसडीएम को ज्ञापन सौंपा और दो दिन के भीतर समाधान नहीं होने पर 15 जुलाई को बुरहानपुर और शाहपुर बंद करने का अल्टीमेटम दिया।

कांग्रेस शहर अध्यक्ष रिंकू टाक के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। रिंकू टाक ने कहा कि बुरहानपुर की हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है।

एक ओर शहर की सड़कों की हालत बेहद जर्जर है, जिससे आम लोगों को चलने-फिरने में काफी परेशानी हो रही है। दूसरी ओर, गंदा और बदबूदार पानी लोगों के घरों में सप्लाई हो रहा है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं।

उन्होंने कहा कि नगर निगम और प्रशासन की लापरवाही की वजह से लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

साथ ही, स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद गरीब और मध्यम वर्गीय उपभोक्ताओं को भारी भरकम बिजली बिल मिल रहे हैं, जिन्हें चुकाना उनके बस से बाहर है।

रिंकू टाक ने चेतावनी दी कि यदि दो दिन के भीतर इन समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ तो कांग्रेस 15 जुलाई को बुरहानपुर और शाहपुर में बंद का आव्हान करेगी। यह बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन यदि प्रशासन ने जनता की आवाज नहीं सुनी तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी।

ज्ञापन सौंपते समय कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की और लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता से हल करने की मांग की। रिंकू टाक ने कहा कि यह आंदोलन जनता की आवाज उठाने के लिए है, क्योंकि सरकार और प्रशासन ने आंखें मूंद रखी हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि बिजली विभाग को स्मार्ट मीटरों से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेना चाहिए और जरूरतमंद लोगों को राहत दी जानी चाहिए।

इसके अलावा, नगर निगम को जल आपूर्ति की गुणवत्ता सुधारनी चाहिए और सड़कों की मरम्मत जल्द से जल्द करवानी चाहिए।

इस दौरान कांग्रेस नेता सलीम शेख, संजय यादव, संगीता पाटील, इकबाल कुरैशी, अनीता शर्मा, राहुल पाटीदार सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

सभी ने एक सुर में कहा कि यह संघर्ष जनता के हक की लड़ाई है और जब तक समस्याएं हल नहीं होतीं, कांग्रेस शांत नहीं बैठेगी।

अब देखना यह होगा कि कांग्रेस के इस अल्टीमेटम पर प्रशासन क्या रुख अपनाता है और क्या शहरवासियों को जल्द राहत मिलती है या आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *