रिपोर्ट रोहित रजक भोपाल।
राज्यसभा सांसद और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने प्रदेश में किसानों के साथ बीज के नाम पर हो रही धोखाधड़ी को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा है।
उन्होंने मांग की है कि बीज प्रमाणन और वितरण प्रणाली की कड़ी निगरानी हो और इसमें पारदर्शिता लाई जाए ताकि किसानों को गुमराह न किया जा सके।
दिग्विजय सिंह ने लिखा कि किसानों को ऐसा बीज बेचा गया जिसे प्रमाणित बताया गया, लेकिन हकीकत में वह बीज नकली या कम गुणवत्ता वाला निकला। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है।
कई जगह किसानों की फसलें ही नहीं उग पाईं। यह मामला बेहद गंभीर है क्योंकि इसका सीधा असर किसानों की आजीविका और उनकी आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि किसानों को सहकारी समितियों और कृषि विभाग के जरिए जो बीज बेचे गए हैं, वह मंडी और स्थानीय कंपनियों से खरीदे गए बीज थे। इन बीजों को प्रमाणित बताया गया, लेकिन हकीकत में न तो उनके पास सर्टिफिकेट था और न ही कोई वैज्ञानिक प्रमाण।
नियंत्रण में लापरवाही, किसानों को भारी नुकसान
दिग्विजय सिंह ने अपने पत्र में यह भी लिखा है कि बीज प्रमाणन की प्रक्रिया में भारी गड़बड़ी है।
राज्य स्तर पर बीज परीक्षण की कोई सटीक व्यवस्था नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीज प्रमाणन के नाम पर जो भी प्रक्रिया है, वह केवल कागजों तक सीमित रह गई है।
राज्य सरकार द्वारा अधिकृत एजेंसियों और समितियों ने स्थानीय मंडियों से सीधे बीज खरीदकर किसानों को वितरित कर दिया। इससे किसान यह समझ ही नहीं पाए कि वे जो बीज खरीद रहे हैं, वह सही है या नहीं। किसान केवल सरकारी भरोसे पर इन बीजों को ले गए और बो दिए, लेकिन परिणाम बेहद खराब रहे।
डॉ. सुनीलम के साथ हुई चर्चा का जिक्र
दिग्विजय सिंह ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि उन्होंने वरिष्ठ कृषि कार्यकर्ता डॉ. सुनीलम के साथ इस विषय पर विस्तार से चर्चा की है। डॉ. सुनीलम ने बताया कि किसानों को खासकर ‘नर्मदा किनारे के जिलों’ में बीज के नाम पर ठगा गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो इसका असर अगली फसल पर भी देखने को मिलेगा।
बीज कंपनियों पर हो सख्त कार्रवाई
पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से अपील की है कि राज्य में काम कर रही बीज कंपनियों की जांच करवाई जाए। जो कंपनियां नकली या कम गुणवत्ता वाले बीज बेच रही हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने बीज वितरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने, वैज्ञानिक जांच अनिवार्य करने और किसानों को समय रहते सही जानकारी देने की मांग की।
एक नजर में मुद्दा:
प्रमाणित बताकर नकली बीज बेचने का आरोप
किसानों को भारी नुकसान, फसलें नहीं उग पाईं
मंडियों से खरीदे गए बीज बिना जांच के वितरित
राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
बीज प्रक्रिया पर सख्त निगरानी और सुधार की मांग
मध्यप्रदेश में बीज वितरण से जुड़े इस गंभीर मामले को लेकर अब राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। किसानों को हो रहे नुकसान को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ने सीधे मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जवाबदेही तय करने और सिस्टम में सुधार लाने की मांग की है। यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो आने वाले समय में किसान आंदोलन की स्थिति भी बन सकती है।
