गीता राय: 22 अप्रैल, 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले (26 नागरिकों की मृत्यु) के जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर” शुरू किया। यह मिशन भारत की संयुक्त सैन्य ताकत (वायु सेना, सेना, नौसेना), उन्नत स्वदेशी तकनीक (जैसे ब्रह्मोस, स्कैल्प मिसाइलें, ड्रोन, स्पाइस-2000 बम) तथा सटीक खुफिया जानकारी की मदद से अंजाम दिया गया
आतंकियों के नौ संभावित लक्ष्य (पाकिस्तान में स्थित ट्रेनिंग कैंप, लॉन्च-पैड्स एवं ठिकाने) को रात के 1 बजे के बीच 23 मिनट में निशाना बनाया गया, जिसमें कोई लक्ष्य चूका नहीं। भारत का दावा है कि इसमें 100 से अधिक आतंकवादी मारे गएपहले चार दिन तक दोनों देशों के बीच गोलाबारी और ड्रोन हमले जारी रहे। 10 मई की शाम को डीजीएमओ स्तर पर बातचीत हुई और फिर सीजफायर तय हुआ
IIT मद्रास के 62वें दीक्षांत समारोह में NSA अजीत डोभाल
11 जुलाई, 2025 को IIT मद्रास के 62वें दीक्षांत समारोह में NSA अजीत डोभाल ने ऑपरेशन की सफलता पर जोर दिया। उन्होंने विदेशी मीडिया को चुनौती देते हुए कहा कि भारत को कोई नुकसान नहीं हुआ न कोई इमारत टूटी, ना एक कांच का टुकड़ा भी टूट सका और कोई तस्वीर प्रस्तुत करें जिसमें भारत को नुकसान दिखा हो
उन्होंने दावा करते हुए कहा कि विदेशी मीडिया ने पाकिस्तान के 13 एयरबेस (सरगोधा, रहीम यार खान, चकलाला आदि) की सैटेलाइट तस्वीरों का हवाला देते हुए कई बातों को आधार बनाया, लेकिन भारत में न तो कोई नुकसान हुआ, और न ही इतना प्रचार सही साबित हुआ । डोभाल ने बताया कि भारत में इस्तेमाल स्वदेशी तकनीक ने मिशन की सटीकता और निर्भयता दिखायी
डोभाल ने विदेशी प्रेस (जैसे न्यूयॉर्क टाइम्स) और थिंक टैंक्स द्वारा फैलाई गई “प्रोपेगेंडा” की आलोचना की और कहा कि बिना ठोस सबूत और सैटेलाइट तस्वीरों के दावे करना गलत है।
मिशन इसलिए सफल रहा
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन में भारत की क्षति शून्य रही और यह मिशन इसलिए सफल रहा क्योंकि यह सीमावर्ती इलाकों से दूर, योजनाबद्ध और सीमेंट्री सहित जमीनों पर लक्षित था। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत समग्र रूप से सशक्त है और यदि चाहे तो पाकिस्तान के एयरबेस को भी नुकसान पहुंचा सकता है परन्तु ऐसा नहीं किया क्योंकि मिशन आतंकवादियों पर केंद्रित था ।
