ऋषिता गगगंराडे़
वडोदरा (गुजरात), 9 जुलाई 2025 – बुधवार सुबह अहमदाबाद–आनंद मार्ग पर स्थित महिसागर नदी पर बने गम्भीरा पुल का एक हिस्सा अचानक ध्वस्त हो गया। इस दौरान पुल पर भारी वाहन, जिसमें ट्रक, वैन, ऑटो-रिक्शा तथा स्कूटर शामिल थे, नदी में जा गिरे।
मौतों और घायल लोगों की संख्या
- कम से कम 13 लोग मारे गए, जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं AJazeera+10Amar Ujala+10NDTV India+10।
- लगभग 9 से 16 लोगों की मौत की खबरें आ रही हैं और कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं ।
- अब भी चार लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिन्हें खोजने के लिए एनडीआरएफ और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) द्वारा खोज अभियान जारी है ।
हादसे का समय और कारण
- यह हादसा बुधवार सुबह लगभग 7:30 बजे हुआ, जब पुल पर यातायात की अधिकता थी ।
- पुल का निर्माण वर्ष 1985 में हुआ था जो लगभग 40 वर्ष पुराना हो चुका था ।
- भारी बारिश की वजह से पुल की संरचना कमजोर हो सकती है, हालांकि प्राथमिक रूप से संरचनात्मक कमजोरी और भारी वाहनों का असर भी कारण माना जा रहा है ।
रेस्क्यू ऑपरेशन और प्रशासनिक प्रतिक्रिया
- एनडीआरएफ और एसडीआरएफ तटीय हिस्सों में नदी तलाशी अभियान चला रहे हैं; कलेक्टर अनिल धमेलिया ने बताया कि खाली टैंकर पुल पर फंसा हुआ है जिसे संभालना सुरक्षित रूप से जरूरी है ।
- स्थितिजन्य खतरे के कारण संरचनात्मक स्थिरीकरण अभियान भी शुरू किया गया है ।
राजनीतिक व सामाजिक प्रतिक्रियाएँ
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख तथा घायल लोगों को ₹50,000 की सहायता राशि की घोषणा की ।
- मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए, तथा हर मरे व्यक्ति के परिवार को ₹4‑4 लाख और घायल को ₹50,000 मुआवज़ा देने की घोषणा की ।
- विपक्षी दलों—कांग्रेस एवं आम आदमी पार्टी—ने सरकार की लापरवाही और भ्रष्टाचार पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि समय रहते पुल की कमजोर हालत को नजरअंदाज कर दिया गया ।
पूर्व चेतावनी और सुरक्षा अलार्म
- 2022 में, इसी पुल पर “असामान्य कंपन” की शिकायत दर्ज की गई थी, लेकिन उस समय वह “खतरनाक” घोषित नहीं किया गया था ।
- पुल गुजरात में ढहने वाले सातवें बड़े पुलों में से एक है — इनमें 2022 का मोरबी मोचन पुल हादसा (132+ मौतें) भी शामिल है ।
यह हादसा पुलों की नियमित सुरक्षा जांच और रखरखाव की अनदेखी के खतरों को उजागर करता है। यह हादसा राज्य के सहरी और ग्रामीण यातायात को भी प्रभावित करेगा, क्योंकि गम्भीरा पुल वडोदरा–आनंद के बीच मुख्य मार्ग था Amar Ujala+3YouTube+3Navbharat Times+3।अब सवाल यह उठता है कि क्या समय रहते पुख्ता संरचनात्मक मरम्मत और उचित निगरानी की गई होती, तो ये जान-माल की हानि रोकी जा सकती थी।
