
भोपाल से रोहित रजक की रिपोर्ट |
मध्यप्रदेश में सड़कों की हालत को लेकर जारी बहस के बीच राज्य के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री राकेश सिंह का एक बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में जोरदार चर्चा का विषय बन गया है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “सड़कों पर गड्ढे तो होते ही रहेंगे, यह कोई नई बात नहीं है। दुनिया में कोई ऐसी सड़क नहीं है जिसमें गड्ढे न हों।”
गड्ढों पर उठे सवाल, मिला अनोखा जवाब
मंत्री राकेश सिंह बुधवार को मीडिया से चर्चा कर रहे थे। इस दौरान जब उनसे पत्रकारों ने प्रदेश की खराब सड़कों और उनमें बने गड्ढों को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने कहा –
“बारिश के मौसम में गड्ढे बनना आम बात है। हैवी ट्रैफिक और हैवी रेनफॉल की वजह से सड़कें खराब हो जाती हैं। ऐसा सिर्फ मध्यप्रदेश में नहीं होता, पूरे देश में होता है।”
उन्होंने आगे कहा कि कोई भी तकनीक ऐसी नहीं है जो पूरी तरह गड्ढे बनने से रोक सके। यह एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है और सरकार इसके समाधान के लिए लगातार काम कर रही है।
5 साल की गारंटी में 6 माह में उखड़ी सड़क तो होगी कार्रवाई
राकेश सिंह ने यह भी स्वीकार किया कि यदि कोई सड़क 5 साल की गारंटी पर बनाई गई हो और वह सिर्फ 6 महीने में ही उखड़ जाए, तो यह निश्चित ही गड़बड़ी है। ऐसी स्थिति में संबंधित ठेकेदारों या अधिकारियों पर कार्रवाई की जाती है।
“हम क्वालिटी से समझौता नहीं करते। यदि कोई ठेकेदार मानकों को ताक पर रखकर सड़क बनाता है और वो जल्द ही खराब हो जाती है, तो उस पर कार्रवाई तय है,” उन्होंने कहा।
विपक्ष और जनता में नाराजगी
PWD मंत्री का यह बयान सामने आने के बाद विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इस बयान को गैर-जिम्मेदाराना करार दिया है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा –
“यदि मंत्री खुद मान रहे हैं कि गड्ढे हमेशा बने रहेंगे, तो सरकार का विकास मॉडल किस आधार पर खड़ा है? क्या जनता को हमेशा टूटी सड़कों पर चलना होगा?”
वहीं, सोशल मीडिया पर भी लोग इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि मंत्री का यह बयान जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करने वाला है। कुछ ने व्यंग्य करते हुए कहा –
“अब तो सरकार को ‘गड्ढा सम्मान योजना’ भी शुरू कर देनी चाहिए।”
इंजीनियरिंग और सड़क तकनीक पर उठे सवाल
विशेषज्ञों की माने तो सड़क निर्माण में सही तकनीक और क्वालिटी का उपयोग किया जाए तो गड्ढों की समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है। देश के कई हिस्सों में ऐसी सड़कें हैं जो कई सालों से बिना गड्ढों के ठीक हालत में हैं।
एक वरिष्ठ सिविल इंजीनियर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि –
“गड्ढे तभी बनते हैं जब सड़क निर्माण के दौरान घटिया सामग्री का उपयोग होता है या ड्रेनेज सिस्टम सही नहीं होता। बारिश का पानी यदि सड़क पर रुकता है तो गड्ढे बनना तय है। इस पर ध्यान देना जरूरी है।”
सरकार की चुनौती
प्रदेश सरकार को अब जनता और विपक्ष के दोहरे दबाव का सामना करना पड़ रहा है। जहां एक ओर जनता चाहती है कि सड़कें टिकाऊ और सुरक्षित हों, वहीं विपक्ष इसे चुनावी मुद्दा बना सकता है। खासकर शहरी क्षेत्रों में बारिश के कारण गड्ढों से हादसों की संख्या में इजाफा हुआ है।
PWD मंत्री राकेश सिंह का बयान चाहे सच्चाई के नज़रिए से दिया गया हो, लेकिन जनता को उम्मीद होती है कि सरकार समाधान दे न कि सिर्फ तर्क। अब देखना होगा कि आने वाले समय में प्रदेश की सड़कों की हालत सुधरती है या गड्ढों का सफर यूं ही चलता रहेगा।
