रिपोर्ट, काजल जाटव। ब्रिटिश पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक एक बार फिर चर्चा का विषय बन चुके हैं। मशहूर कंपनी गोल्डमैन सैश ने सुनक को वरिष्ठ सलाहकार के रूप में नियुक्त कर लिया है। कंपनी का कहना है कि “सुनक वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर अपने नजरिए से बैंक के ग्राहकों को सलाह देने का काम करेंगे। वे यॉर्कशायर और रिचमंड में सांसद रहते हुए ये काम करेंगे। गोल्डमैन सैश के चेयरमैन और चीफ एक्जीक्यूटिव डेविड सोलोमन ने कहा कि वह कम्पनी में ऋषि की वापसी से खुश हैं। ग्राहकों को सलाह देने के साथ ही, सुनक दुनियाभर में हमारे लोगों के साथ समय बिताएंगे इससे कंपनी को सीखने और विकास करने का बढ़ावा मिलेगा।“
पहले भी कर चुके हैं काम
BBC की एक रिपोर्ट के मुताबिक राजनीति में आने से पहले ऋषि सुनक ने बैंक में एनालिस्ट के रूप में काम किया था। 2000 में निवेश बैंकिंग में समर ट्रेनी और 2001 से 2004 तक विश्लेषक के रूप में काम किया था। इसके बाद उन्होंने कंपनियों के साथ काम करने वाली एक निवेश फर्म की स्थापना की जो कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्यरत है।
शर्तों का पालन करना होगा
उन्हें बैंक के लिए दूसरी सरकारों के वेल्थ फंड्स को सलाह देने का मौका नहीं मिलेगा, और साथ ही उन ग्राहकों को भी सलाह नहीं दे पाएंगे जिनके साथ उनका प्रधानमंत्री रहते हुए सीधे लेनदेन हुआ हो. वे बैंक की तरफ से ब्रिटेन सरकार के पक्ष में भी बात नहीं कर सकते. अकोबा ने कहा कि सुनक से पहले सांसद बनने से पहले, उन्होंने गोल्डमैन सैच सहित फाइनेंस सेक्टर में कुल 14 साल काम किया था।
ऋषि सुनक ने 2015 में संसद सदस्य के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की। प्रधानमंत्री बनने से पहले, वह फरवरी 2020 से जुलाई 2022 तक राजकोष के चांसलर रह चुके हैं। इससे पहले, वह आवास, समुदाय और स्थानीय सरकार मंत्रालय में ट्रेजरी के मुख्य सचिव और संसदीय अवर सचिव के पद पर काम कर चुके हैं।
न्यूयॉर्क में गोल्डमैन सैक्स में उनका सीनियर सलाहकार का वेतन आमतौर पर सालाना करीब 136,350 डॉलर से 220,770 डॉलर तक हो सकता है, जिसका औसत लगभग 170,129 डॉलर है. इसे भारतीय रुपये में बदलें तो लगभग 1.70 करोड़ रुपये बनते हैं। पर मजे की बात ये है कि ऋषि सुनक कोई आम पेशेवर नहीं हैं, और उनके सटीक वेतन का खुलासा अभी तक नहीं हुआ है।
