शिवानी यादव । दिल्ली – केरल के कोल्लेनगोड़ निवासी 37 वर्षीय नर्स निमिषा प्रिया यमन की हौथी नियंत्रित राजधानी सना के केंद्रीय जेल में 16 जुलाई 2025 को फांसी दी जाने का आदेश जारी हुआ है । उन्हें 2017 में यमनी नागरिक तलाल अब्दो महदी की हत्या का दोषी ठहराया गया था।
पृष्ठभूमि:
निमिषा ने 2008 में बेहतर जीवन की तलाश में यमन आकर सरकारी अस्पताल में नर्स के रूप में काम शुरू किया। 2015 में उन्होंने “अल अमान मेडिकल क्लिनिक” खोलने के लिए स्थानीय व्यापारी तलाल अब्दो महदी को भागीदार बनाया । निमिषा का आरोप है कि महदी ने उनके क्लिनिक के फंड में गड़बड़ी की, पासपोर्ट छुड़ा लिया और शारीरिक तथा मानसिक प्रताड़ना की ।
घटना का सिलसिला:
2017 की गर्मियों में निमिषा ने महदी को केतामाइन का इंजेक्शन देकर बेहोश कर दिया। ऐसा करते वक्त इरादा सिर्फ अपना पासपोर्ट व दस्तावेज लौटवाने का था, लेकिन ओवरडोज़ की वजह से महदी की मृत्यु हो गई । बाद में उनके सहयोगी नर्स ने शव के टुकड़े करके पानी के टैंक में फेंक दिए। निमिषा को अगस्त 2017 में पकड़ा गया और 2018 में सना की एक निचली अदालत ने उन्हें मृत्युदंड सुनाया ।
अपील और कानूनी स्थिति:
निमिषा की अपील 2023 में सुप्रीम ज्यूडिशियल काउंसिल ने खारिज कर दी । उनके वकील का आरोप है कि ट्रायल पूरी तरह अरबी में हुआ, जबकि निर्मीषा अरबी नहीं बोलती, और उन्हें समुचित वकील या दुभाषिये की सुविधा नहीं दी गई ।
रिहाई के प्रयास:
“सेव निमिषा प्रिया एक्शन काउंसिल” और परिवार ने लगभग 40,000 अमेरिकी डॉलर के रूप में इकट्ठा किए, लेकिन यमन में राजनीतिक अस्थिरता और जटिल कानूनी प्रक्रियाओं के कारण बातचीत रुकी हुई है । अप्रैल 2024 में निमिषा की मां, पति व बेटी सना जेल में उनसे मिलने गए, पर फैसले टल नहीं पाए ।
कूटनीतिक पहल:
भारत सरकार का विदेश मंत्रालय यमन की हौथी और सऊदी समर्थित सरकार दोनों से संपर्क में है। अभी तक यमन सरकार या यमनी अदालत ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की, लेकिन रिपोर्टों के अनुसार फांसी का आदेश पक्का है ।
