अकांक्षा सिंह, भोपाल: जम्मू-कश्मीर के बडगाम में लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा के मारे जाने के भारतीय दावे के एक दिन बाद पाकिस्तान ने एक ऐसे व्यक्ति को मीडिया के सामने पेश किया, जिसने अपना नाम मोहम्मद आसिफ बताया। इसके बाद दोनों देशों के दावे आमने-सामने आ गए हैं। पाकिस्तान का कहना है कि भारत ने एक रिटायर्ड पाकिस्तानी सैनिक की गलत पहचान की, जबकि भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार बडगाम मुठभेड़ में मारा गया व्यक्ति लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा था।

बडगाम में ऑपरेशन, मारा गया LeT कमांडर

मुठभेड़ में मारा गया आतंकी या जिंदा पूर्व सैनिक?

जम्मू-कश्मीर के बडगाम में लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा के मारे जाने के भारतीय दावे के एक दिन बाद पाकिस्तान ने एक ऐसे व्यक्ति को मीडिया के सामने पेश किया, जिसने अपना नाम मोहम्मद आसिफ बताया। इसके बाद दोनों देशों के दावे आमने-सामने आ गए हैं। पाकिस्तान का कहना है कि भारत ने एक रिटायर्ड पाकिस्तानी सैनिक की गलत पहचान की, जबकि भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार बडगाम मुठभेड़ में मारा गया व्यक्ति लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा था।

बडगाम में ऑपरेशन, मारा गया LeT कमांडर

भारतीय सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, 29 सितंबर की रात बडगाम के यूसमर्ग इलाके के कोराग क्षेत्र में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान शुरू किया। इसी दौरान सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। अभियान में एक आतंकी मारा गया, जिसकी पहचान मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा के रूप में की गई।

रिपोर्टों के मुताबिक, हाशिम मूसा को पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा का वरिष्ठ कमांडर बताया गया था। भारतीय अधिकारियों ने उसे जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी गतिविधियों से जोड़ा था। सुरक्षा एजेंसियां काफी समय से उसकी तलाश कर रही थीं।

अगले ही दिन पाकिस्तान ने पेश किया आसिफ

1 अक्टूबर को पाकिस्तान के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस यानी ISPR के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने रावलपिंडी में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान एक रिटायर्ड पाकिस्तानी सेना के हवलदार मोहम्मद आसिफ को मीडिया के सामने लाया गया। मोहम्मद आसिफ ने दावा किया कि वह जिंदा है और पाकिस्तान के अटक जिले में अपने घर पर मौजूद था। उसके मुताबिक, दोस्तों और परिचितों के फोन आने के बाद उसे पता चला कि सोशल मीडिया और भारतीय मीडिया में उसके मारे जाने की खबर चल रही है। उसने बताया कि वह वर्ष 2000 में पाकिस्तानी सेना में भर्ती हुआ था और 2005 में स्पेशल सर्विसेज ग्रुप यानी SSG में शामिल हुआ। वह 2023 में हवलदार के पद से रिटायर हुआ था।

अब सबसे बड़ा सवाल—क्या दोनों आसिफ अलग हैं?

पूरे विवाद का सबसे अहम सवाल यही है कि भारत द्वारा मारे गए व्यक्ति और पाकिस्तान द्वारा मीडिया के सामने पेश किए गए मोहम्मद आसिफ क्या एक ही व्यक्ति हैं या दो अलग-अलग लोग। भारत के अनुसार, बडगाम मुठभेड़ में मारा गया व्यक्ति मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा था। वहीं पाकिस्तान ने अपने सामने पेश किए गए रिटायर्ड सैनिक को मोहम्मद आसिफ बताते हुए भारतीय दावे को गलत बताया है।

हालांकि, सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के आधार पर अभी स्वतंत्र रूप से यह पुष्टि नहीं हुई है कि दोनों व्यक्तियों की पहचान एक ही है या अलग-अलग। इसलिए पाकिस्तान द्वारा पेश किए गए व्यक्ति को सीधे “फेक” कहना या भारतीय पहचान को गलत ठहराना फिलहाल जल्दबाजी होगी।

मामला अब सिर्फ मुठभेड़ तक सीमित नहीं

बडगाम की इस कार्रवाई ने भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के बीच एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। भारत की ओर से इसे लश्कर-ए-तैयबा के खिलाफ कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है, जबकि पाकिस्तान ने मारे गए व्यक्ति की पहचान पर ही सवाल उठा दिया है। अब इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल पहचान की स्वतंत्र और विश्वसनीय पुष्टि का है। जब तक दोनों व्यक्तियों की पहचान से जुड़े ठोस और स्वतंत्र रूप से सत्यापित सबूत सामने नहीं आते, तब तक किसी एक पक्ष के दावे को अंतिम सत्य मानना सही नहीं होगा।

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