Baljinder Kaur: आजकल फिटनेस और हेल्दी लाइफस्टाइल को लेकर लोगों में जागरूकता तेजी से बढ़ रही है। जिम, योग और हेल्दी डाइट के साथ-साथ एक और ट्रेंड काफी लोकप्रिय हो रहा है-इंटरमिटेंट फास्टिंग। खासतौर पर 16:8 फास्टिंग पैटर्न को वजन घटाने और शरीर का मेटाबॉलिज्म बेहतर करने के लिए अपनाया जा रहा है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी भी नई डाइट को शुरू करने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लेना जरूरी है।
क्या है 16:8 इंटरमिटेंट फास्टिंग?
16:8 इंटरमिटेंट फास्टिंग का मतलब है 24 घंटे में से 16 घंटे तक उपवास करना और बाकी 8 घंटे के भीतर ही खाना खाना। अगर आप सुबह 10 बजे पहला मील लेते हैं, तो शाम 6 बजे तक आखिरी मील लेना होगा। इसके बाद 16 घंटे तक कुछ भी ठोस आहार नहीं लिया जाता, केवल पानी, ग्रीन टी या बिना शक्कर वाली ब्लैक कॉफी ली जा सकती है। यह डाइट प्लान खाने की मात्रा से ज्यादा खाने के समय पर ध्यान देता है। माना जाता है कि लंबे फास्टिंग पीरियड के दौरान शरीर जमा फैट को ऊर्जा के रूप में इस्तेमाल करने लगता है।
वजन घटाने में कैसे मददगार?
जब शरीर को लंबे समय तक भोजन नहीं मिलता, तो इंसुलिन का स्तर कम हो जाता है। इससे शरीर फैट बर्न करने की प्रक्रिया को तेज करता है। साथ ही, सीमित समय में खाने से ओवरईटिंग की संभावना भी कम हो जाती है। कुछ स्टडीज में यह पाया गया है कि इंटरमिटेंट फास्टिंग से वजन नियंत्रित रखने, पेट की चर्बी कम करने और मेटाबॉलिज्म सुधारने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इसके परिणाम व्यक्ति की उम्र, लाइफस्टाइल और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करते हैं।
क्या हैं इसके फायदे?
वजन कम करने में सहायक।
ब्लड शुगर लेवल संतुलित रखने में मदद।
पाचन तंत्र को आराम मिलता है।
एनर्जी लेवल में सुधार।
अनुशासित खाने की आदत विकसित होती है।
किन लोगों को बरतनी चाहिए सावधानी?
डॉक्टरों के अनुसार, गर्भवती महिलाएं, डायबिटीज के मरीज, लो ब्लड प्रेशर से पीड़ित लोग या किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे व्यक्तियों को बिना सलाह के यह डाइट नहीं अपनानी चाहिए। शुरुआत में कुछ लोगों को कमजोरी, सिरदर्द या चिड़चिड़ापन महसूस हो सकता है।
जरूरी है संतुलित आहार
इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान यह ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि 8 घंटे के खाने के समय में पौष्टिक और संतुलित आहार लिया जाए। जंक फूड या ज्यादा तली-भुनी चीजें खाने से फायदा कम हो सकता है। डाइट में फल, सब्जियां, प्रोटीन और फाइबर शामिल करना बेहतर रहता है।
इंटरमिटेंट फास्टिंग आज के समय में तेजी से लोकप्रिय हो रही है और कई लोगों को इससे सकारात्मक परिणाम भी मिले हैं। लेकिन हर शरीर अलग होता है, इसलिए किसी भी डाइट को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
