Baljinder Kaur: बॉलीवुड अभिनेता आदित्य पंचोली को 2019 में दर्ज दुष्कर्म मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट से फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। अभिनेता ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग करते हुए अदालत का रुख किया था, लेकिन कोर्ट ने इस पर तुरंत रोक लगाने से इनकार कर दिया। साथ ही शिकायतकर्ता को अगली सुनवाई में पेश होने के लिए नोटिस जारी किया गया है।
क्या है मामला?
साल 2019 में मुंबई के वर्सोवा पुलिस स्टेशन में एक बॉलीवुड अभिनेत्री की शिकायत पर आदित्य पंचोली के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि यह घटना कई वर्ष पहले हुई थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की थी। एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही यह मामला चर्चा में बना हुआ है। पंचोली ने शुरू से ही इन आरोपों को गलत बताया और कहा कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया है।
हाई कोर्ट में क्या हुआ?
गुरुवार को बॉम्बे हाई कोर्ट में इस मामले पर सुनवाई हुई। आदित्य पंचोली की ओर से उनके वकील ने दलील दी कि यह शिकायत कथित घटना के लगभग 15 साल बाद दर्ज की गई है, जो संदेह पैदा करती है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के ‘भजनलाल’ फैसले का हवाला देते हुए कहा कि इस मामले में एफआईआर रद्द की जानी चाहिए। अदालत ने इस स्तर पर एफआईआर रद्द करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि मामले की आगे सुनवाई की जाएगी।
पीड़िता को जारी हुआ नोटिस
सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि पुलिस द्वारा भेजे गए 11 नोटिसों के बावजूद शिकायतकर्ता जांच में शामिल होने के लिए पेश नहीं हुईं। इस पर अदालत ने पीड़िता को नया नोटिस जारी करते हुए 24 फरवरी 2026 को अगली तारीख पर उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 24 फरवरी 2026 को होगी। उस दिन अदालत यह देखेगी कि शिकायतकर्ता पेश होती हैं या नहीं और जांच की प्रगति क्या है। फिलहाल, आदित्य पंचोली को कोई कानूनी राहत नहीं मिली है और मामला न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगा।
यह मामला एक बार फिर चर्चा में है और सभी की नजरें अगली सुनवाई पर टिकी हैं।
