Muskan Garg: भारत सरकार की इंडिया एआई (IndiaAI) पहल के अंतर्गत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को आम नागरिकों तक पहुँचाने की दिशा में एक बड़ा और दूरदर्शी कदम उठाया गया है। देश के अग्रणी ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म आईसेक्ट लर्न ने “युवा एआई फॉर ऑल” नामक विशेष कोर्स की शुरुआत की है, जिसके माध्यम से देशभर के 1 करोड़ युवाओं, विद्यार्थियों और शिक्षार्थियों को एआई की बुनियादी समझ प्रदान की जाएगी।
यह कोर्स आईसेक्ट लर्न के डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पूरे भारत में उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के युवा समान रूप से लाभान्वित हो सकें।

इंडिया एआई मिशन को ज़मीनी स्तर तक पहुँचाने का प्रयास:
इंडिया एआई मिशन का उद्देश्य भारत में एक मजबूत, समावेशी और जिम्मेदार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इकोसिस्टम का निर्माण करना है। इसी सोच के अनुरूप, आईसेक्ट लर्न इस पहल के माध्यम से एआई जागरूकता, स्किल डेवलपमेंट, नवाचार और तकनीक अपनाने को बढ़ावा दे रहा है, ताकि डिजिटल शिक्षा की पहुँच हर वर्ग तक सुनिश्चित की जा सके।

सरल भाषा में एआई की दुनिया से परिचय:
“युवा एआई फॉर ऑल” एक अवेयरनेस-आधारित कोर्स है, जिसे विशेष रूप से सरल, सहज और व्यावहारिक भाषा में डिज़ाइन किया गया है।
इस पाठ्यक्रम के जरिए शिक्षार्थी यह समझ सकेंगे कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, कृषि, शासन और दैनिक जीवन में किस तरह बदलाव ला रहा है और कार्यों को अधिक प्रभावी बना रहा है।

बहुभाषी कोर्स: भाषा नहीं बनेगी बाधा:
यह कोर्स वर्तमान में हिंदी और अंग्रेज़ी में आईसेक्ट लर्न प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है।
आने वाले समय में इसे 26 अन्य भारतीय भाषाओं जैसे मराठी, कन्नड़, बंगाली, पंजाबी, असमिया, कश्मीरी और तेलुगु में भी लॉन्च किया जाएगा। इसका उद्देश्य देश के हर कोने तक एआई शिक्षा की पहुँच बनाना और भाषाई बाधाओं को पूरी तरह समाप्त करना है।

नेतृत्व की आवाज़: भारत को एआई-रेडी बनाने की दिशा में कदम:
इस पहल पर अपने विचार व्यक्त करते हुए आईसेक्ट समूह के कार्यकारी निदेशक डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने कहा,
“‘युवा एआई फॉर ऑल’ भारत को एआई-रेडी बनाने की दिशा में एक आधारभूत पहल है। हमारा मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केवल विशेषज्ञों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि हर युवा को इसकी मूल समझ होनी चाहिए।”

उन्होंने कहा कि ISEC का लक्ष्य AI शिक्षा को स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी विभागों में पहुँचाना है। ताकि अधिकतम युवा इससे लाभ उठा सकें, इस कोर्स को कौशल रथ के माध्यम से विभिन्न शिक्षण संस्थानों और सरकारी विभागों में ले जाया जाएगा।

भविष्य-तैयार भारत की ओर एक मजबूत कदम:
“युवा एआई फॉर ऑल” पहल को भारत में एआई-सक्षम और भविष्य-तैयार कार्यबल के निर्माण की दिशा में एक सशक्त कदम माना जा रहा है। यह पहल न केवल तकनीकी समावेशन को बढ़ावा देगी, बल्कि डिजिटल सशक्तिकरण के राष्ट्रीय लक्ष्य को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *