Baljinder Kaur: अमेरिका और मेक्सिको के बीच लंबे समय से चला आ रहा जल विवाद आखिरकार एक नए समझौते के साथ सुलझता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ बढ़ाने की चेतावनी के बाद मेक्सिको ने अमेरिका को हर साल तय मात्रा में पानी देने पर सहमति जता दी है। यह समझौता दोनों देशों के बीच पानी की आपूर्ति को ज्यादा पारदर्शी और संतुलित बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है, हालांकि मेक्सिको के कुछ इलाकों में इसे लेकर चिंता भी बनी हुई है।

अमेरिका-मेक्सिको के बीच नया जल समझौता
नए समझौते के तहत मेक्सिको मौजूदा पांच साल के चक्र में हर साल कम से कम 3.5 लाख एकड़-फुट पानी अमेरिका को देगा। इसका मतलब यह है कि अब पानी की आपूर्ति हर साल सुनिश्चित होगी और आखिरी समय में बकाया चुकाने की पुरानी व्यवस्था खत्म हो जाएगी। एक एकड़-फुट पानी का अर्थ है—एक एकड़ जमीन पर एक फुट की गहराई तक भरा पानी। अमेरिका का कहना है कि इस व्यवस्था से खासकर टेक्सास के किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।

पुराने समझौते की समस्या
1944 की जल संधि के तहत मेक्सिको को हर पांच साल में 17.5 लाख एकड़-फुट पानी अमेरिका को देना होता था। औसतन यह मात्रा भी सालाना 3.5 लाख एकड़-फुट ही बनती है, लेकिन अमेरिका का आरोप था कि मेक्सिको शुरुआती वर्षों में कम पानी देता था और बाद के वर्षों में पूरा करता था। इस अनियमित आपूर्ति से टेक्सास के किसानों को नुकसान उठाना पड़ता था। नया समझौता इस समस्या को खत्म करने के लिए हर साल न्यूनतम पानी देना अनिवार्य बनाता है।

ट्रंप की टैरिफ धमकी ने बदला रुख
इस समझौते के पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनी को अहम कारण माना जा रहा है। ट्रंप ने साफ कहा था कि अगर मेक्सिको ने समय पर और पर्याप्त पानी नहीं दिया तो अमेरिका मेक्सिको से आयात होने वाले सामान पर पांच फीसदी तक टैरिफ बढ़ा सकता है। इस धमकी के बाद दोनों देशों के बीच कई महीनों तक बातचीत चली और यह नया समझौता सामने आया।

मेक्सिको की बढ़ी चिंता

जहां अमेरिका इस समझौते को अपनी बड़ी कूटनीतिक जीत बता रहा है, वहीं मेक्सिको में इसे लेकर असंतोष भी है। खासकर उत्तरी मेक्सिको के कई राज्यों में पहले से ही सूखे जैसी स्थिति बनी हुई है। सीमावर्ती राज्य तामाउलिपास के किसानों का कहना है कि पानी की भारी कमी के चलते कई लोगों ने इस साल फसल तक नहीं बोई। ऐसे में हर साल तय मात्रा में पानी देना स्थानीय किसानों के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है।

ट्रंप और शीनबाम की बातचीत से बनी बात
यह समझौता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम के बीच फोन पर हुई बातचीत के बाद संभव हो पाया। इससे पहले दिसंबर में शीनबाम ने संकेत दिए थे कि मेक्सिको पुराने जल बकाये को चुकाने के लिए अमेरिका को ज्यादा पानी भेजने को तैयार है।

US-Mexico Water Deal दोनों देशों के संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ता है। इससे अमेरिका को जहां स्थायी जल आपूर्ति की गारंटी मिली है, वहीं मेक्सिको के लिए यह समझौता राजनीतिक, सामाजिक और कृषि स्तर पर एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है।

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