Baljinder Kaur: हेमोग्लोबिन हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी है। यह लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाता है और शरीर के अंगों तक ऑक्सीजन पहुँचाने का काम करता है। अगर हेमोग्लोबिन की मात्रा कम हो जाए, तो शरीर के अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुँचती। इसे एनीमिया कहते हैं। हेमोग्लोबिन की कमी से थकान, कमजोरी और कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएँ हो सकती हैं।
हेमोग्लोबिन की कमी से होने वाली बीमारियाँ
एनीमिया
सबसे आम समस्या है। इसमें शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या कम हो जाती है।
लक्षण: थकान, चक्कर आना, त्वचा और होंठ का पीला पड़ना, कमजोरी।
हृदय रोग
हेमोग्लोबिन की कमी से हृदय को अधिक मेहनत करनी पड़ती है।
इससे हार्ट रेट बढ़ सकता है और दिल की बीमारी का खतरा बढ़ता है।
कमज़ोर इम्यून सिस्टम
शरीर बीमारियों से लड़ने की क्षमता कम कर देता है।वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
गर्भवती महिलाओं में जोखिम
हेमोग्लोबिन की कमी होने पर मां और बच्चे दोनों के लिए खतरा बढ़ जाता है।
जन्म के समय बच्चे का वजन कम हो सकता है और मां को कमजोरी हो सकती है।
हेमोग्लोबिन बढ़ाने के उपाय
विटामिन C का सेवन
विटामिन C आयरन के अवशोषण में मदद करता है।
खट्टे फल जैसे संतरा, नींबू, आमला और स्ट्रॉबेरी खाएं।
फोलिक एसिड और विटामिन B12
अंडे, दूध, दालें, पालक और चिकन में पाए जाते हैं। ये लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद करते हैं।
जिंक और प्रोटीन युक्त आहार
दाल, नट्स, बीज और मांस हेमोग्लोबिन बढ़ाने में सहायक हैं।
लाइफस्टाइल में बदलाव
पर्याप्त नींद लें,नियमित व्यायाम करें,
अत्यधिक चाय और कॉफी से बचें क्योंकि ये आयरन के अवशोषण को रोकती हैं।
हेमोग्लोबिन की कमी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है। सही आहार, पर्याप्त नींद और नियमित व्यायाम से इसे आसानी से रोका जा सकता है। समय पर जांच करवा कर एनीमिया जैसी समस्याओं से बचाव करना जरूरी है।
अगर लगातार थकान, चक्कर या पीलेपन जैसी समस्याएँ हों तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।
