Muskan Garg: धरती का सबसे ठंडा और रहस्यमयी महाद्वीप अंटार्कटिका एक ऐसे अजूबे को समेटे हुए है, जिसे देखकर पहली नज़र में कोई भी चौंक जाए। बर्फ से ढके इस सफेद संसार के बीच एक झरना ऐसा भी है, जिससे खून जैसा लाल पानी बहता है। इसे दुनिया ‘ब्लड फॉल्स’ या हिंदी में ‘खूनी झरना’ के नाम से जानती है। सवाल उठता है, क्या यह सच में खून है या इसके पीछे कोई वैज्ञानिक कारण छिपा है?
कहां स्थित है अंटार्कटिका का खूनी झरना?
यह रहस्यमयी झरना टेलर ग्लेशियर में स्थित है, जो अंटार्कटिका की मैकमर्डो ड्राई वैलीज़ में आता है। चारों ओर फैली बर्फ की चादर के बीच अचानक लाल रंग की धारा का दिखना किसी हॉरर फिल्म के दृश्य जैसा लगता है।
खून नहीं, विज्ञान का खेल है यह लाल पानी:
वैज्ञानिकों के अनुसार, इस झरने में बहने वाला लाल पानी खून नहीं है। इसका रंग लाल होने की असली वजह है, आयरन (लोहा)। ग्लेशियर के नीचे एक बेहद पुरानी और नमकीन झील मौजूद है, जिसमें आयरन की मात्रा बहुत अधिक है। जब यह पानी बाहर आता है और ऑक्सीजन के संपर्क में आता है, तो आयरन ऑक्सीडाइज होकर जंग की तरह लाल रंग का हो जाता है।
लाखों साल पुराना है यह रहस्य:
शोधकर्ताओं का मानना है कि इस झील का पानी 10 से 15 लाख साल से भी ज्यादा पुराना हो सकता है। हैरानी की बात यह है कि इस झील में सूरज की रोशनी नहीं पहुंचती, फिर भी इसमें सूक्ष्म जीव (microorganisms) जीवित हैं, जो बिना ऑक्सीजन के भी जीवन जीने में सक्षम हैं।
वैज्ञानिकों के लिए क्यों है खास?
ब्लड फॉल्स वैज्ञानिकों के लिए बेहद अहम है क्योंकि यह हमें यह समझने में मदद करता है कि अत्यधिक कठोर परिस्थितियों में भी जीवन कैसे संभव है। इसी आधार पर वैज्ञानिक मंगल और बृहस्पति के चंद्रमा यूरोपा जैसे ग्रहों पर जीवन की संभावनाएं तलाशते हैं।
डरावना दिखता है, लेकिन खतरनाक नहीं:
हालांकि लाल पानी देखने में डरावना लगता है, लेकिन यह पूरी तरह प्राकृतिक और सुरक्षित है। इसमें कोई जहरीला तत्व नहीं होता, बल्कि यह पृथ्वी के भूवैज्ञानिक इतिहास की एक खुली किताब की तरह है।
अंटार्कटिका का ‘खूनी झरना’ किसी रहस्यमयी शक्ति या अलौकिक घटना का परिणाम नहीं, बल्कि प्रकृति और विज्ञान का अद्भुत मेल है। सफेद बर्फ के बीच बहती यह लाल धारा हमें याद दिलाती है कि हमारी धरती आज भी अनगिनत रहस्यों को अपने भीतर समेटे हुए है, बस जरूरत है उन्हें समझने की।
