गीता राय: मध्यप्रदेश सरकार द्वारा संचालित प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत इस वर्ष 12वीं की परीक्षा में 75% या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए 25-25 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई। यह कार्यक्रम भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 94,234 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया।

उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में सरकार प्रयास करेगी कि छात्रों को सीधे अच्छी गुणवत्ता के लैपटॉप उपलब्ध कराए जाएं, ताकि राशि का दुरुपयोग न हो और छात्रों को डिजिटल युग में वास्तविक लाभ मिल सके।

डिजिटल युग के लिए तैयार करने की दिशा में एक सशक्त पहल

मुख्यमंत्री ने इस योजना को युवाओं को डिजिटल युग के लिए तैयार करने की दिशा में एक सशक्त पहल बताया। उन्होंने कहा कि कई बार देखा गया है कि विद्यार्थियों को मिलने वाली राशि का उपयोग परिवार अन्य आवश्यकताओं में कर लेते हैं, जिससे छात्र लैपटॉप नहीं खरीद पाते। इस समस्या को दूर करने के लिए भविष्य में सरकार सीधे उपकरण देने की योजना पर विचार कर रही है।

इस अवसर पर कई विद्यार्थियों ने मंच से अपने अनुभव साझा किए। छात्रा योगिता टांक ने मुख्यमंत्री से संवाद किया और उनके साथ सेल्फी भी ली। विद्यार्थियों ने अपने करियर के लक्ष्यों को साझा करते हुए बताया कि यह सहायता उनके सपनों को साकार करने में कितनी उपयोगी है।

2009-10 में हुई थी योजना की शुरुआत

इस योजना की शुरुआत वर्ष 2009-10 में हुई थी और अब तक 4 लाख 32 हजार से अधिक विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल चुका है। सरकार ने अब तक 1,080 करोड़ रुपये से अधिक राशि छात्रों के खातों में भेजी है। इस वर्ष लाभार्थियों में 60% बेटियां शामिल हैं 56,246 बेटियां और 37,988 बेटे। मुख्यमंत्री ने इसे समाज में हो रहे सकारात्मक परिवर्तन का संकेत बताया और कहा कि बेटियां शिक्षा में न केवल बराबरी कर रही हैं बल्कि आगे निकल रही हैं। उन्होंने बेटों को भी प्रेरित किया कि वे अपनी पढ़ाई पर अधिक ध्यान दें।

एक खास उपलब्धि यह रही कि इस बार 52% लाभार्थी सरकारी स्कूलों से हैं जबकि 48% निजी स्कूलों से। यह पहली बार हुआ है जब सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने प्राइवेट स्कूलों को पीछे छोड़ा है। मुख्यमंत्री ने इसे स्कूल शिक्षा विभाग, शिक्षकों और अभिभावकों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम बताया और कहा कि यह हमारी शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता में लगातार हो रहे सुधार का प्रमाण है।

कैसे लें योजना का लाभ

यदि आप भी इस योजना के पात्र हैं, तो आप मध्यप्रदेश शिक्षा पोर्टल पर जाकर “List of Eligible Students” सेक्शन में अपना नाम, जिला, स्कूल और वर्ष दर्ज कर आसानी से जांच सकते हैं। यह योजना न केवल विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर प्रदान करने का भी माध्यम बन रही है।

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