Suvangi Pradhan: भारतीय बैडमिंटन की स्टार खिलाड़ी और ओलंपिक पदक विजेता साइना नेहवाल ने आधिकारिक रूप से खेल से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। लंबे समय से घुटने की गंभीर समस्या से जूझ रहीं साइना ने कहा कि लगातार चोट और फिटनेस की चुनौतियों के कारण उनके लिए उच्च स्तर पर खेल जारी रखना मुश्किल हो गया था।
उन्होंने बताया कि उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट 2023 का सिंगापुर ओपन था
साइना ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि बैडमिंटन उनके जीवन का अहम हिस्सा रहा है और इस खेल ने उन्हें पहचान, सम्मान और देश के लिए खेलने का गौरव दिया। उन्होंने कहा, घुटने की समस्या ने मेरे खेल को काफी प्रभावित किया। मैंने पूरी कोशिश की, लेकिन अब शरीर साथ नहीं दे रहा है। ऐसे में संन्यास लेना ही बेहतर विकल्प था।
साइना नेहवाल भारत की सबसे सफल महिला बैडमिंटन खिलाड़ियों में से एक रही हैं
उन्होंने 2012 लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था और ऐसा करने वाली वह पहली भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी बनी थीं। इसके अलावा उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स और विश्व चैंपियनशिप सहित कई अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में देश का नाम रोशन किया। अपने करियर के दौरान साइना ने विश्व रैंकिंग में नंबर-1 स्थान भी हासिल किया था, जो भारतीय बैडमिंटन के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। उन्होंने न केवल खेल में शानदार प्रदर्शन किया, बल्कि भारत में महिला बैडमिंटन को नई पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
संन्यास की घोषणा के बाद खेल जगत से उन्हें बधाइयों और शुभकामनाओं का सिलसिला जारी है
पूर्व खिलाड़ियों, कोचों और प्रशंसकों ने उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें प्रेरणास्रोत बताया है। हालांकि साइना ने भविष्य की योजनाओं पर कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया है, लेकिन माना जा रहा है कि वह बैडमिंटन से किसी न किसी रूप में जुड़ी रहेंगी, चाहे वह मेंटरशिप हो, कोचिंग या युवा खिलाड़ियों को मार्गदर्शन देना। साइना नेहवाल का संन्यास भारतीय खेल इतिहास का एक भावुक अध्याय है।
