Suvangi Pradhan
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के एक हालिया प्रक्षेपण में तकनीकी खामी सामने आई, जिसके चलते रॉकेट अपने निर्धारित मिशन को पूरी तरह सफल नहीं कर सका। हालांकि इस असफलता के बीच एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। रॉकेट में लगा स्पेन की निजी कंपनी का सैटेलाइट आंशिक रूप से एक्टिव पाया गया है और उसने अंतरिक्ष से सिग्नल भेजा है।
इस अप्रत्याशित घटनाक्रम ने वैज्ञानिकों और अंतरिक्ष विशेषज्ञों को हैरान कर दिया है
ISRO के अधिकारियों के मुताबिक, लॉन्च के दौरान रॉकेट के ऊपरी चरण में तकनीकी समस्या आई, जिसके कारण सैटेलाइट को तय कक्षा में स्थापित नहीं किया जा सका। प्रारंभिक आकलन में मिशन को असफल माना गया, लेकिन बाद में ट्रैकिंग डेटा से संकेत मिले कि सैटेलाइट पूरी तरह निष्क्रिय नहीं हुआ है।
स्पेनिश सैटेलाइट कंपनी ने कहा कि उन्हें अपने ग्राउंड स्टेशन पर सैटेलाइट से कमजोर लेकिन स्पष्ट सिग्नल प्राप्त हुआ है
कंपनी के प्रवक्ता ने बताया, यह हमारे लिए भी अप्रत्याशित है। हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि सैटेलाइट किस रास्ते से सिग्नल भेजने की स्थिति में पहुंचा और उसकी वर्तमान स्थिति क्या है। संभव है रॉकेट से अलग होने के बाद सैटेलाइट किसी अस्थायी या अनियोजित कक्षा में चला गया हो, जहां उसके सोलर पैनल सीमित रूप से काम कर रहे हों। इसी वजह से वह न्यूनतम ऊर्जा के साथ सिग्नल भेज पा रहा है।
ISRO ने भी इस घटनाक्रम पर नजर बनाए रखने की बात कही है
संगठन के अनुसार, वे अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर सैटेलाइट की ट्रैकिंग और तकनीकी स्थिति का विश्लेषण कर रहे हैं। ISRO ने यह भी स्पष्ट किया कि रॉकेट में आई खामी के कारणों की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी। अब सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि क्या यह स्पेनिश सैटेलाइट पूरी तरह रिकवर किया जा सकेगा या नहीं

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