Toshi Gupta: अवारा कुत्तों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य और केंद्र सरकार को कड़ी चेतावनी दी हैं। कोर्ट का कहना हैं कि, अगर कुत्तों के हमले स किसी बच्चे, बुजुर्ग या नागरिक की मौत या गंभीर चोट आती हैं, तो राज्य सरकार के साथ-साथ डॉग फीडर्स की भी जवाबदेही तय की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस विक्रम नाथ, ने कहा, “कुत्तों के काटने से बच्चों या बुजुर्गों की मृत्यु या चोट के हर मामले के लिए हम राज्य सरकारों से भारी मुआवजा देने की मांग करेंगे क्योंकि उन्होंने पिछले पांच वर्षों में नियमों के कार्यान्वयन के संबंध में कुछ नहीं किया है। साथ ही, इन आवारा कुत्तों को खाना खिलाने वालों की भी जिम्मेदारी और जवाबदेही तय की जाएगी। अगर आपको इन जानवरों से इतना प्यार है तो आप उन्हें अपने घर क्यों नहीं ले जाते। ये कुत्ते इधर-उधर क्यों घूमते हैं, लोगों को काटते हैं और डराते हैं।”
जस्टिस संदीप मेहता, ने कहा कि, “जब एक 9 साल के बच्चे पर कुत्ते हमला करते हैं तो जिम्मेदारी किसकी होगी? क्या उन संगठनों की जो उन्हें खाना खिला रहे हैं? क्या हम इस समस्या से आंख मूंद लें?”
