Toshi Gupta: क्या इस बार भी भ्रष्टाचार पर पर्दा डाला जाएगा? कार्रवाई होगी या जनता को मजबूत सड़को का धोखा दिया जाएगा? ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योकि मध्य प्रदेश के नागौद से भ्रष्टाचार की तस्वीरें सामने आई हैं। जिसमें लोक निर्माण विभाग का सारा काला चिट्ठा एक बार में खोल कर रख दिया हैं।
जानकारी के मुताबिक, मध्य प्रदेश के नागौद से मैहर तक एक नई सड़क का निर्माण किया जा रहा हैं। जो लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार होगी। लेकिन इस महत्वाकांक्षी सड़क की गुणवत्ता के नाम पर खुलेआम सॉफ्ट चिप्स स्टोन (कुचले हुए पत्थरो) का शर्मनाक खेल खेला जा रहा है। दो जिलो को जोड़ने वाली यह सड़क परसमनिया पहाड़ से निकाले गए सॉफ्ट चिप्स स्टोन से बनाई जा रही हैं। इतना ही नहीं बल्कि, सूखी गिट्टी की सामग्री से WMM (Wet Mix Macadam) भी किया जा रहा हैं। जिसके ऊपर पन्ना जिले से लाकर घटिया गिट्टी और डामर की मदद से उस पर परते बिछाई जा रही हैं। जिसके बाद इन्ही काले कारनामो को “फील गुड” दिखाकर पास भी कराया जा रहा है।
आपको बता दें, स्थानीय लोगों का दावा हैं कि , यह वही ठेकेदार रविशंकर जायसवाल हैं , जिसने हाल ही में पन्ना जिले में 40 करोड़ की सकरिया-ककरहटी-गुनौर-डिघौरा सड़क बनाई थी। रविशंकर जायसवाल ने 82 करोड़ की पहाड़ीखेड़ा वाली सड़क पर भी काम किया था। काम इतना घटिया था कि चंद महीनों में सड़को के चिथड़े-चिथड़े हो गए। अब यही ठेकेदार सतना में 150 करोड़ की इस परियोजना में वही पुराना खेल दोहराने पर तुला हुआ है। इस खेल में विभागीय इंजीनियरों की मिलीभगत साफ नजर आ रही हैं। अगर इस सड़क की निष्पक्ष जांच हुई तो कई बड़े अधिकारी से ठेकेदार सीधे नपते हुए नज़र आएंगे। ऐसा माना जा रहा हैं यह शर्मनाक खेल चर्चित प्रभारी SDO के शह पर खेला जा रहा हैं।
साथ ही, मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्री लगातार इंजीनियरों को तकनीकी दक्षता के लिए कार्यशालाएं आयोजित करा रहे हैं। लेकिन सतना के नागौद में इन कार्यशालाओं का जरा भी असर नजर नहीं आ रहा हैं। बन रही इन कागच की सड़को पर जनता का पैसा पानी की तरह बहाया जा रहा हैं।
