Baljinder Kaur: हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को नई धार देते हुए राज्य के विजिलेंस और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के नए पुलिस महानिदेशक अर्शिंदर सिंह चावला ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। उन्होंने जिला स्तर पर उन अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं जिनकी छवि ऐसे लोगों की है जो बिना रिश्वत लिए सरकारी काम नहीं करते। इस पहल का उद्देश्य इन सूचियों को सार्वजनिक करना नहीं बल्कि ऐसे अफसरों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखना और उन्हें रंगे हाथ पकड़ना बताया गया है।
पद संभालते ही दिए सख्त निर्देश
मंगलवार को पदभार संभालने के तुरंत बाद अर्शिंदर सिंह चावला ने सभी रेंज के पुलिस अधीक्षकों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन्होंने ब्यूरो की प्राथमिकताओं, कार्यशैली और भविष्य की रणनीति को स्पष्ट करते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ “पहले दिन से शून्य सहनशीलता” का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हर जिले और हर दफ्तर में कुछ ऐसे अधिकारी होते हैं, जिनकी भ्रष्ट छवि आम लोगों के बीच पहले से ही जानी-पहचानी होती है।
कुख्यात अफसरों पर रहेगी खास नजर
डीजी चावला ने निर्देश दिया कि ऐसे अधिकारियों की पहचान कर उनकी नियमित रूप से अपडेट की जाने वाली सूची बनाई जाए। इन सूचियों के आधार पर प्राथमिकताएं तय होंगी और फिर ठोस व लक्षित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि भ्रष्ट अधिकारियों को यह भ्रम नहीं पालना चाहिए कि वे बच जाएंगे क्योंकि देर-सवेर उन्हें कानून के दायरे में लाया जाएगा।
सूची सार्वजनिक नहीं होगी
दिप्रिंट से बातचीत में अर्शिंदर सिंह चावला ने स्पष्ट किया कि इस सूची को आम लोगों में बांटने या सार्वजनिक करने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि जैसे पुलिस आदतन अपराधियों के खिलाफ विशेष रणनीति अपनाती है वैसे ही आदतन भ्रष्ट अधिकारियों के लिए भी अलग और प्रभावी रणनीति की जरूरत है। यह सूची इनपुट, शिकायतों और खुफिया जानकारी के आधार पर होगी। इससे खबर और मजबूत लगेगी।
ईमानदार अधिकारियों को मिलेगा संरक्षण
इस सख्ती के साथ-साथ नए डीजी ने ईमानदार अधिकारियों के मनोबल को मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जो अधिकारी ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का पालन कर रहे हैं उनके साथ नियमित संवाद रखा जाए, उनके काम की सार्वजनिक सराहना हो और जरूरत पड़ने पर उन्हें पुरस्कृत भी किया जाए। उनका मानना है कि सिस्टम की सफाई के लिए सिर्फ सजा नहीं बल्कि ईमानदार अफसरों को सुरक्षा और सम्मान देना भी जरूरी है।
तकनीक के जरिए कसेगा शिकंजा
डीजी चावला ने ट्रैप मामलों में आधुनिक तकनीक के अधिकतम इस्तेमाल के निर्देश भी दिए हैं। उनका कहना है कि तकनीकी रूप से मजबूत और गोपनीय ऑपरेशन ही अदालतों में मामलों को मजबूत बना सकते हैं और त्वरित न्याय सुनिश्चित कर सकते हैं।
हरियाणा में नए एंटी करप्शन चीफ का यह कदम साफ संकेत देता है कि अब रिश्वतखोरी के खिलाफ कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेगी।
