Suvangi Pradhan: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उनकी बात नहीं मानी गई तो वेनेजुएला की स्थिति को “और बदतर” कर दिया जाएगा। ट्रम्प के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
इसी मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आज एक आपात बैठक बुलाई गई है, जिसमें वेनेजुएला संकट पर चर्चा की जाएगी
ट्रम्प ने एक सार्वजनिक बयान में कहा कि वेनेजुएला में लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बहाली और अमेरिकी हितों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि वेनेजुएला की मौजूदा सत्ता व्यवस्था ने जनता की आवाज को दबाया है और अंतरराष्ट्रीय समझौतों की अनदेखी की है। ट्रम्प ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका के पास आर्थिक प्रतिबंधों को और सख्त करने तथा कूटनीतिक दबाव बढ़ाने के कई विकल्प मौजूद हैं।
ट्रम्प के इस रुख को वेनेजुएला की अंतरिम सरकार के खिलाफ सीधे दबाव के तौर पर देखा जा रहा है
वेनेजुएला की ओर से इस बयान को आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करार दिया गया है। अंतरिम राष्ट्रपति के कार्यालय ने कहा कि देश की संप्रभुता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और वेनेजुएला अपने फैसले खुद लेने में सक्षम है। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। बैठक में अमेरिका, रूस, चीन सहित अन्य स्थायी और अस्थायी सदस्य देश हिस्सा लेंगे।
अमेरिका वेनेजुएला पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ाने के लिए समर्थन जुटाने की कोशिश करेगा
जबकि कुछ देश बातचीत और शांतिपूर्ण समाधान पर जोर दे सकते हैं। ट्रम्प का यह बयान न सिर्फ वेनेजुएला की आंतरिक राजनीति को प्रभावित कर सकता है, बल्कि लैटिन अमेरिका में भू-राजनीतिक तनाव को भी बढ़ा सकता है। पहले से ही आर्थिक संकट और राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहे वेनेजुएला के लिए यह चेतावनी हालात को और जटिल बना सकती है। अब सबकी निगाहें UNSC की बैठक पर टिकी हैं
