Baljinder Kaur: जब पूरी दुनिया 1 जनवरी को नए साल का जश्न मनाती है तब अफ्रीका में एक ऐसा देश भी है जहां नया साल 11 सितंबर को आता है। लीप ईयर में नया साल 12 सितंबर को पड़ता है। यही नहीं इस देश में साल 12 नहीं बल्कि 13 महीनों का होता है। सुनने में यह अजीब जरूर लगता है, लेकिन यह पूरी तरह सच है। इस अनोखे देश का नाम है इथियोपिया। इथियोपिया न सिर्फ अपने कैलेंडर बल्कि अपनी समय गणना, संस्कृति और परंपराओं के कारण भी दुनिया से बिल्कुल अलग पहचान रखता है।
नया साल 11 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है?
इथियोपिया में नया साल “एनकुटाटाश” के नाम से जाना जाता है। यह हर साल 11 सितंबर को मनाया जाता है जबकि लीप ईयर में यह 12 सितंबर को पड़ता है। माना जाता है कि इस दिन बरसात का मौसम खत्म हो जाता है और चारों तरफ हरियाली छा जाती है। इसी वजह से यह दिन नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। नए साल के मौके पर लोग पारंपरिक कपड़े पहनते हैं, गीत-संगीत होता है और परिवार व दोस्तों के साथ जश्न मनाया जाता है। बच्चे फूलों के गुलदस्ते लेकर घर-घर जाते हैं और शुभकामनाएं देते हैं।
इथियोपिया में साल के 13 महीने कैसे?
इथियोपिया का कैलेंडर दुनिया के ज़्यादातर देशों में इस्तेमाल होने वाले ग्रेगोरियन कैलेंडर से अलग है। यहां साल के 12 महीने 30-30 दिनों के होते हैं। इसके बाद आता है 13वां महीना, जिसे “पगुमे” कहा जाता है।
सामान्य साल में पगुमे के 5 दिन होते हैं और लीप ईयर में इसके 6 दिन होते हैं। स्थानीय लोग अपने कैलेंडर को प्यार से “13 महीने धूप के” कहते हैं।
दुनिया से 7-8 साल पीछे
एक और दिलचस्प बात यह है कि इथियोपिया का कैलेंडर ग्रेगोरियन कैलेंडर से करीब 7 से 8 साल पीछे चलता है। उदाहरण के तौर पर, जब दुनिया में 2025 चल रहा होता है, तब इथियोपिया में साल 2017 या 2018 होता है।
क्यों खास है इथियोपिया?
इथियोपिया को अफ्रीका के सबसे प्राचीन देशों में गिना जाता है। यह कभी किसी यूरोपीय देश का उपनिवेश नहीं रहा। यहां की संस्कृति, भाषा और परंपराएं हजारों साल पुरानी हैं। यही वजह है कि आज भी यहां का कैलेंडर और जीवनशैली दुनिया से अलग है।
इथियोपिया वाकई एक अनोखा देश है जहां 11 सितंबर को नया साल मनाया जाता है और साल में 13 महीने होते हैं। अलग कैलेंडर, अलग समय प्रणाली और समृद्ध संस्कृति इसे दुनिया के बाकी देशों से बिल्कुल अलग बनाती है।
