Director Mukesh Chabra gave their opinion after watching Dharmendra last movie

रिया सिन्हा: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र और अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘इक्कीस’ का पहला रिव्यू सामने आ चुका है। मशहूर कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा ने फिल्म देखने के बाद एक बेहद भावुक नोट साझा किया है। उन्होंने इस फिल्म को धर्मेंद्र के करियर की एक शानदार विदाई बताया और अगस्त्य नंदा की एक्टिंग की जमकर तारीफ की। फिल्म की कहानी 1971 के युद्ध के हीरो सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल के जीवन पर आधारित है, जिसे देख मुकेश छाबड़ा अपने आंसू नहीं रोक पाए।

धर्मेंद्र की कमी खलेगी: एक इमोशनल विदाई

मुकेश छाबड़ा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि धर्मेंद्र को पर्दे पर इस तरह देखना दिल को छू लेने वाला अनुभव था। उन्होंने लिखा, “धर्मेंद्र पाजी, आपकी कमी हमेशा खलेगी।” माना जा रहा है कि यह धर्मेंद्र की आखिरी बड़ी फिल्म हो सकती है, जिसमें उन्होंने एक मेंटॉर की भूमिका निभाई है। फिल्म में उनके प्रदर्शन को ‘मास्टरक्लास’ बताया जा रहा है। 89 साल की उम्र में भी उनकी स्क्रीन प्रेजेंस और डायलॉग डिलीवरी दर्शकों को इमोशनल कर देने वाली है।

अगस्त्य नंदा ने किया इम्प्रेस: क्या बन पाएंगे अगले सुपरस्टार?

‘द आर्चीज’ से डेब्यू करने वाले अगस्त्य नंदा के लिए ‘इक्कीस’ एक लिटमस टेस्ट की तरह थी। मुकेश छाबड़ा के अनुसार, अगस्त्य ने इस फिल्म में अपनी एक्टिंग से सभी को चौंका दिया है। उन्होंने अरुण खेत्रपाल के किरदार की सादगी और वीरता को बहुत ही बारीकी से पर्दे पर उतारा है। समीक्षकों का कहना है कि अगस्त्य ने साबित कर दिया है कि वह केवल एक ‘स्टार किड’ नहीं हैं, बल्कि उनमें एक मंझे हुए अभिनेता की पूरी काबिलियत है।

श्रीराम राघवन का निर्देशन: फिर चला जादू

फिल्म का निर्देशन राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक श्रीराम राघवन ने किया है। राघवन अपनी थ्रिलर फिल्मों जैसे ‘अंधाधुन’ के लिए जाने जाते हैं, लेकिन ‘इक्कीस’ के साथ उन्होंने वॉर-ड्रामा जॉनर में अपनी पकड़ साबित की है। मुकेश छाबड़ा ने निर्देशन की तारीफ करते हुए कहा कि फिल्म कहीं भी बनावटी नहीं लगती और दर्शक खुद को 1971 के दौर में महसूस करते हैं। फिल्म के युद्ध दृश्य और इमोशनल सीक्वेंस बहुत ही सधे हुए हैं।

देशभक्ति और भावनाओं का अनूठा संगम

‘इक्कीस’ केवल एक युद्ध फिल्म नहीं है, बल्कि यह बलिदान और साहस की एक मानवीय कहानी है। फिल्म के संगीत और बैकग्राउंड स्कोर ने भी समीक्षकों का ध्यान खींचा है। शुरुआती रिव्यूज इशारा कर रहे हैं कि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने के साथ-साथ अवार्ड्स सीजन में भी अपनी धाक जमाएगी। मुकेश छाबड़ा के इस रिव्यू के बाद फैंस के बीच फिल्म को लेकर उत्सुकता सातवें आसमान पर पहुंच गई है।

बॉक्स ऑफिस पर उम्मीदें: क्या होगी हिट?

फिल्म के ट्रेलर को पहले ही अच्छा रिस्पॉन्स मिल चुका था और अब पॉजिटिव फर्स्ट रिव्यू ने इसकी सफलता की संभावना बढ़ा दी है। धर्मेंद्र के फैंस के लिए यह फिल्म किसी ट्रीट से कम नहीं है, वहीं युवा पीढ़ी अगस्त्य नंदा को एक नए अवतार में देखने के लिए बेताब है। जानकारों का मानना है कि ‘इक्कीस’ साल 2025 की सबसे बड़ी और यादगार फिल्मों में से एक साबित हो सकती है।

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