रिपोर्टर – आदेश चौहान


मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव 30 सितंबर को उज्जैन में नवरात्र पर्व में शहर के विभिन्न गरबा कार्यक्रमों में पहुंचे , जहां उन्होंने वहां मौजूद लोगों से संवाद किया और आने वाले वक्त में मध्य प्रदेश में होने वाली बड़ी गतिविधियों के बारे में जानकारी दी.गरबा डांडिया कार्यक्रम में पहुंचकर डा मोहन यादव से सबसे पहले माता दुर्गा की पूजा की और माता से प्रदेश की समृद्धि, सुख शांति और लोगो के उत्तम स्वस्थ की कामना की.
मुख्यमंत्री ने नवरात्र के महत्व और आने वाली पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने का माध्यम बताया
लोगो को संबोधित करते हुए सीएम यादव ने नवरात्र के महत्व का भी उल्लेख किया और कहा कि नवरात्र,शक्ति की आराधना के पर्व के साथ साथ हमारी संस्कृति को संजोने और सहअस्तित्व का माध्यम भी है . डांडिया और गरबा कैसे कार्यक्रम सामाजिक सद्भाव और उत्साह को मजबूत करते है.
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला -पुरुष युवा बच्चे रंग बिरंगे परिधानों में गरबा नृत्य में सहभागी बने.
कलाकारों ने मंच से देवी भजनों और पारंपरिक गीतों की प्रस्तुतियां दी , जिन पर लोगो ने तालियों की गड़गड़ाहट से उत्साहवर्धन किया.
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आयोजकों की सराहना की और कहा कि इसे आयोजन हमारी संस्कृति को जीवंत बनाए रखते है और आने वाली पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ते है.

मुख्यमंत्री डालडा मैदान में आयोजित गरबा कार्यक्रम में पहुंचे
मुख्यमंत्री मोहन यादव सबसे पहले संस्था अलख द्वारा पांड्याखेड़ी में डालडा मैदान में आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित हुए . डॉ यादव ने संस्था को कार्यक्रम के आयोजन के लिए 2 लाख रुपए की राशि देने की घोषणा की.

मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहना योजना के बारे में जानकारी दी

इसके बाद डॉ मोहन यादव नागझिरी में श्री महाकाल यूथ क्लब द्वारा आयोजित गरबा उत्सव में शामिल हुए और कहा कि हामू खेड़ी टेकरी में संतो के निवास स्थान बनाए जा रहे है और उनके प्रबंधन की व्यवस्था की जा रही है . उन्होंने कहा कि दीपावली की भाई दूज से लाडली बहनों को प्रतिमाह 1500 रुपए की राशि खातों में दी जाएगी.
श्री महाकाल यूथ क्लब द्वारा आयोजित गरबा उत्सव के बाद , मुख्यमंत्री कालिदास अकादमी में नवरंग डांडिया उत्सव में सम्मिलित हुए , मुख्यमंत्री ने कहा डांडिया सहअस्तित्व के भाव का प्रकटीकरण है .
उन्होंने कहा अब उज्जैन मेट्रोपॉलिटिन सिटी बन गया है . इंदौर, उज्जैन,देवास, पीथमपुर और शाजापुर के मक्सी को मिलकर मेट्रोपोलिटन सिटी बनाई गई है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कार्यक्रम में डमरू बजाया और सुश्री आकांशा गुप्ता और सुश्री तनवी गुलेछा का सम्मान डांडिया उत्सव में उल्लेखनीय योगदान देने पर किया.
मुख्यमंत्री ने उज्जैन के सिंहस्त 2028 की तैयारियों की जानकारी साझा की
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव कालिदास अकादमी के बाद श्री अंगारेश्वर पार्क कालोनी गरबा महोत्सव में सम्मिलित हुए , जहां उन्होंने भाषण में बताया कि उज्जैन में होने वाले सिंहस्त 2028 मातारानी के आशीर्वाद से भव्य और दिव्य होगा और बताया कि जिले के चारों ओर सड़क और रेलमार्गों का जाल बिछाकर श्रद्धालुओं को सिंहस्त में आने जाने की सुविधा दी जाएगी .
इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने वहां मौजूद श्रद्धालुओं से प्रश्नोत्तरी पूछ कर सही उत्तर देने वाले श्रद्धालुओं को पुरस्कार वितरण किया.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *